NATIONAL HEALTH MISSION
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम‘
आरबीएसके दो दिवसीय मोबार्इल डेन्‍टल वेन शिविर
माह
   

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम RBSK

कार्यक्रम परिचय :- जीवनकाल का प्रारम्भिक समय किसी भी बच्चे के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। षिषु मृत्यु दर एवं बाल मृत्यु दर को कम करने के लिये तथा मिलेनियम डवलपमेन्ट गोल (MDG-4) को प्राप्त करने के लिये राजस्थान सरकार वचनबद्ध है। इसी के मद्देनजर राज्य के प्रत्येक बच्चे को स्वास्थ्य सुरक्षा व उसके समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के उद्देष्य से ‘‘राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम‘‘RBSK की शुरूआत एक नई पहल है जिसके द्धारा बच्चों में चिन्हित 38 मुख्य बीमारियों की समय पर पहचान कर उपयुक्त उपचार प्रदान किया जाता है। इस कार्यक्रम का उद्देष्य मुख्यतः बाल विकास के 4 विकार (4D- Birth Defect, Deficiencies, Disease, Developmental delays and disabilities) को समय पर पहचानना एवं समय पर ईलाज उपलब्ध कराना है।

कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी :- राजस्थान के सभी जिलों में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाया जा रहा है। कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रत्येक बच्चे की प्रारम्भिक स्क्रीनिंग घर व संस्थागत दोनो केन्द्रो पर की जाती है। इस कार्यक्रम में राज्य के जिलों के प्रत्येक खण्ड में दो-दो मोबाइल हैल्थ टीमो का गठन किया गया है। प्रत्येक मोबाइल हैल्थ टीम को फिल्ड में भ्रमण हेतु वाहन उपलब्ध करवाये जाते है तथा बच्चो की सघन स्क्रीनिंग हेतु आवष्यक मेडिकल उपकरण व दवाईयों की मेडिकल किट देकर सुदृढ किया गया है। प्रत्येक मोबाइल हैल्थ टीम को बच्चो की स्क्रीनिंग करने हेतु आवष्यक प्रषिक्षण दिया जाता है।

मोबाइल हैल्थ टीम :- प्रत्येक मोबाइल हैल्थ टीम में चार सदस्यो का स्टाफ होता है जिसमें दो पैरामेडिकल स्टाफ व दो आयुष चिकित्सक (एक महिला व एक पुरूष चिकित्सक) होते है।

आरबीएसके के लक्षित समूह व स्वास्थ्य जॉंच :-

जन्म से 6 सप्ताह तक के सभी नवजात
  • संस्था आधारित स्क्रीनिंग :- राजकीय चिकित्सा संस्थानों में जन्म लेने वाले 0 से 6 सप्ताह तक के नवजात षिषुओं की स्क्रीनिंग हेतु चिन्हित डिलीवरी पॉइन्ट्स पर चिकित्सा अधिकारी, षिषु रोग विषेषज्ञ, स्त्री रोग विषेषज्ञ अथवा एएनएम के द्वारा जन्मजात विकारों की पहचान कर इनका रिकार्ड संधारण, रिर्पोटिंग एवं रैफरल के लिये व्यवस्था की गई है। घर पर जन्मे नवजात षिषु की जन्म से 6 सप्ताह तक की स्क्रीनिंग आषा द्वारा होम विजिट के दौरान की जाती है। इस हेतु आषाओं को बच्चों में जन्मजात विकारों को पहचानने के लिये आवष्यक प्रषिक्षण दिया गया है।
    6 सप्ताह से 6 वर्ष तक के बच्चे
  • ऑंगनवाडी केन्द्रो पर स्क्रीनिंग :- 6 सप्ताह से 6 वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य की जॉंच ऑंगनवाडी केन्द्र पर चल स्वास्थ्य दलों (मोबाइल हैल्थ टीम) द्वारा की जाती है।

6 वर्ष से 18 वर्ष तक के बच्चे

  • विद्यालयों में स्क्रीनिंग :- 6 वर्ष से 18 वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य की जॉंच सभी राजकीय विद्यालयों में चल स्वास्थ्य दलों (मोबाइल हैल्थ टीम) द्वारा की जाती है। मोबाइल हैल्थ टीम के द्वारा माइक्रोप्लान के अनुसार सभी सरकारी विद्यालयों व आंगनवाडी में स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। जॉंच के दौरान प्रत्येक बच्चे का रेफरल व स्क्रीनिंग कार्ड बनाया जाता है व यदि बच्चा चिन्हित किसी बिमारी से ग्रसित होता है तो उस रेफरल कार्ड के द्वारा ही उसको आगे के उपचार हेतु रेफर किया जाता है। इन बच्चों का आगे का उपचार खण्ड/सीएचसी स्तर पर विषेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा केम्प लगाकर किया जाता है। यदि वहॉं उपचार सम्भव नहीं होता है तो उन बच्चो को जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज अस्पताल या पेनलित निजी चिकित्सालयो में निःषुल्क उपचार की व्यवस्था की जाती है।
    वर्ष 2014-15 में आरबीएसके की प्रमुख उपलब्धिया :-
    • 2257112 बच्चों का सफल स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
    • 127290 चिन्हित बच्चों का रेफरल किया गया।
    • 84091 बच्चों का जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज पर उपचार किया गया है।
    • 40,000 बच्चों को प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र/ब्लांक स्तर/जिला स्तर पर षिविर लगाकर उपचार किया गया है।
    • 350 बच्चों की विभिन्न सर्जरी की गई है इनमें मुख्यतः Cleft Lip & Palate, Developmental dysplasia of the hip, Congenital cataract, Dental Conditions, Congenital cataract आदि है।
    • 35 हार्ट सर्जरी की गई।


    वर्ष 2015-16 में आरबीएसके की प्रमुख उपलब्धिया :-

    • 3653404 बच्चों का सफल स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
    • 142043 चिन्हित बच्चों का रेफरल किया गया।
    • 88301 बच्चों को प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र/ब्लांक स्तर/जिला स्तर पर षिविर लगाकर उपचार किया गया है।
    • 713 बच्चों की विभिन्न सर्जरी की गई है इनमें मुख्यतः Cleft Lip & Palate, Developmental dysplasia of the hip, Congenital cataract, Dental Conditions, आदि है।
  • 145 हार्ट सर्जरी की गई।
    वर्ष 2016-17 में आरबीएसके की प्रमुख उपलब्धिया :-
    • 58,67,543 बच्चों का सफल स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
    • 2,25000चिन्हित बच्चों का रेफरल किया गया।
    • 67,108 बच्चों को प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र/ब्लांक स्तर/जिला स्तर पर षिविर लगाकर उपचार किया गया है।
    • 1605 बच्चों की विभिन्न सर्जरी की गई है इनमें Cleft Lip & Palate, Developmental dysplasia of the hip, Congenital cataract, Dental Conditions, आदि है।
    • 584 हार्ट सर्जरी की गई।
  • वर्ष 2017-18 में आरबीएसके की प्रमुख उपलब्धिया :-
    • 62,70,108 बच्चों का सफल स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
    • 2,96,313 चिन्हित बच्चों का रेफरल किया गया।
    • 1,49,843 बच्चों को प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र/ब्लांक स्तर/जिला स्तर पर षिविर लगाकरए जिला अस्पताल ए मेडिकल कॉलेज व पेनलित निजी चिकित्सालयो पर उपचार किया गया है।
    • 1764 बच्चों की विभिन्न सर्जरी की गई है इनमें मुख्यतः Cleft Lip & Palate, Developmental dysplasia of the hip, Congenital cataract, Dental Conditions, आदि है।
    • 593 हार्ट सर्जरी की गई।
आरबीएसके के अन्तर्गत चिन्हित गम्भीर (Rheumatic heart disease, Dental Conditions, Otitis Media, Neural tube defect, Cleft Lip & Palate, Talipes (Club foot), Developmental dysplasia of the hip, Congenital heart diseases, Congenital deafness, Congenital cataract, Retinopathy of Prematurity and Vision impairment (Strabismus) से ग्रसित बच्चो के उपचार हेतु राज्य के निम्न निजी चिकित्सालयों से एमओयू किया गया है :-
1. फोर्टिस अस्पताल, जयपुर।
2. इटरनल हार्टकेयर सेंटर एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, जयपुर।
3. नारायणा हदयालय अस्पताल, जयपुर।
4. मेट्रोमास हॉस्पिटल, मानसरोवर, जयपुर।
5. सेंटर फार लाइफ इंटेन्सिव केयर सेंटर, जयपुर।
6. अभिषेक हॉस्पिटल लेजर एंड सीएससी, जयपुर।
7. हार्ट एंड जनरल हॉस्पिटल, जयपुर।
8. सी.के.एस हॉस्पिटल, जयपुर।
9. मित्तल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, अजमेर।
10. पैसीफिक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, उदयपुर।
11. गीतांजली मेडीकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, उदयपुर।
12. मेडीप्लस हॉस्पिटल, जोधपुर।
13. कोटा हार्ट इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर, कोटा।
14. राज जिन्दल हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेन्टर, भरतपुर।
15. डॉ. विनोद गुप्ता हॉस्पिटल, भरतपुर।

आरबीएसके मोबाईल डेन्टल वैन

    • राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत राज्य के सभी सरकारी विद्यालयो व आंगनवाडी केन्द्रो पर 0 से 18 वर्ष तक के बच्चो का 38 चिन्हित बीमारियों के लिए प्रषिक्षित मोबाइल हैल्थ टीमो के द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है।
    • आरबीएसके के अन्तर्गत आरबीएसके की चिन्हित बीमारियों से ग्रसित बच्चों में से लगभग 20 प्रतिषत बच्चे दन्त रोग से ग्रसित पाये जाते है। इन बच्चो का उपचार जिला अस्पताल में कराया जाता है, दन्त रोग से ग्रसित बच्चो को उपचार हेतु तीन-चार बार चिकित्सालय में आना पडता है। गॉवो से जिला अस्पतालो की दूरी अधिक होने व जिला अस्पतालो में रोगियो की संख्या अधिक होने के कारण बच्चो के उपचार/फोलोअप में समस्या आती है।
    • 2 अक्टुबर 2017 से सात सम्भागीय जिलों में दन्त रोग से ग्रसित बच्चो के उपचार हेतु सुसज्जित मोबाइल डेन्टल वेन चलायी गई है। इन मोबाइल डेन्टल वेन में दन्त चिकित्सक, दन्त सहायक व सहायक है तथा इस वेन में डेन्टल चेयर, एक्स-रे, फ्रीज, आटोक्लेव व डेन्टल एयर कम्प्रेसर आदी सभी सुविधाऐ उपलब्ध है।
      आरबीएसके मोबाइल डेन्टल वेन के द्वारा गॉव/खण्ड/स्वास्थ्य केन्द्रो का पर दन्त रोग के उपचार हेतु केम्प आयोजित कर आरबीएसके में स्क्रीन बच्चो का उपचार कराया जा रहा है।
    • अक्टुबर 2017 से फरवरी 2018 तक आरबीएसके मोबाइल डेन्टल वेन द्वारा सात सम्भागो के सभी जिलों में कुल 390 षिवीरों का आयोजन कर 32134 दन्त रोगो से ग्रसित बच्चो के विभिन्न प्रकार के प्रोसिजर किये गये है व 1362 बच्चों को जिला अस्पताल/मेडिकल कॉलेज अस्पताल पर रैफर किया गया।

मोबाइल डेन्टल वेन के अन्तर्गत किये जाने वाले प्रोसिजर :-
1. -Preventive and control – Hygiene practices to be Published
2. Filling of all types (Silver/Light cure/powder
3. Root canal treatment
4. Dental extraction and Impaction
5. Pulpotomy/ Pulpactomy
6. Scaling /Marsupialization
7. Gingivallncision
8. Operculectomy

आरबीएसके मोबाइल डेन्टल वेन के सेवाप्रदताओं के नाम की सूचीः-
1. जीवीके इएमआरआई, जयपुर (भरतपुर, बीकानेर व उदयपुर संभाग)।
2. महाराजा विनायक डेन्टल कॉलेज, जयपुर (जयपुर संभाग)।
3. संतोकबा दुर्लभजी मेमोरियल अस्पताल, जयपुर (अजमेर व कोटा संभाग)।
4. व्यास डेन्टल कॉलेज, जोधपुर (जोधपुर संभाग)।

For more information contact :-
Ms. Preeti Sharma, Consultant RBSK, 9166669562