NATIONAL HEALTH MISSION

 

कुशल मंगल कार्यक्रम

राज्य में मातृ मृत्यु दर को कम करने के उददेश्य से राज्य सरकार द्धारा सतत रूप से कई महत्वपूर्ण कार्य एवं प्रयास किये जा रहे है। इसी दिशा में सुरक्षित मातृत्व की परिकल्पना को साकार करने हेतु राज्य में हाईरिस्क प्रेगनेन्सी को विशेष महत्व प्रदान कर उनका चिन्हीकरण, लाईन लिस्टिंग, उपचार एवं फालोअप किया जाना है।

राजस्थान में अनुमानतः 19,60,000 महिलाएं प्रत्येक वर्ष गर्भवती होती है, जिनमें से 10 प्रतिशत (अनुमानतः 1.9 लाख) केसेज में जटिलताएं उत्पन्न होनी को संभावना होती है। इन 1.9 लाख एएनसी में से 80 प्रतिशत (1.52 लाख) प्रसूताओं को प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मीओं द्वारा समय पर पहचान कर उनका प्रबंधन किया जा सकता है जबकि शेष 20 प्रतिशत (38,000) महिलाओं को सी-सेक्शन एवं अन्य प्रसूति जटिलता प्रबंधन हेतु विशेषज्ञ/स्त्रीरोग विशेषज्ञ की आवश्यकता होती है।

राजस्थान सरकार द्धारा विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं के लिए ‘‘कुशल मंगल कार्यक्रम‘‘ नाम से एक समेकित योजना बनाई गई है। इस योजना के अन्तर्गत गर्भवती महिलाओं में जटिलता का समय पर चिन्हिकरण, लाइनलिस्टिंग, समय पर रेफरल, टेªकिंग एवं फोलोअप कर उपयुक्त चिन्हित चिकत्सा संस्थान पर संस्थागत प्रसव करवाया जायेगा ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर एवं रूग्णता में कमी लाई जा सके।

कार्यक्रम के उद्देश्यः-

  • गर्भावस्था के दौरान जटिलताओं एवं खतरे की शीघ्र पहचान एवं प्रबंधन।
  • एचआरपी की पहचान, टेकिंग, लाइन लिस्टिंग एवं फोलोअप हेतु एक तंत्र की स्थापना।
  • विशेष केसेज को विशेषज्ञ देखभाल एवं प्रबंधन की सुविधाएं उपलब्ध करवाते हुए संस्थागत प्रसव कराना।
  • रेफरल हेतु निःशुल्क परिवहन सुविधा निश्चित रूप से उपलब्ध कराना।
  • समुदाय स्तर पर नियोजित गर्भाधान, दो बच्चों के बीच अन्तराल एवं गर्भाधारण पूर्व एनिमिया की रोकथाम हेतु जागृति पैदा करना।

    यह कार्यक्रम राज्य के सभी 34 जिलो में लागू किया गया है। कुशल मंगल कार्यक्रम छः सूत्रीय दृष्टिकोण का अनुसरण करता है जिसमें प्रत्येक गर्भवती महिला में अधिक जोखिम की शीघ्र पहचान, लाइन लिस्टिंग, प्रबंधन एवं फोलोअप को केन्द्रित किया है।

छः सूत्रीय दृष्टिकोण निम्न हैः-

    1. गर्भधारण की योजना।
    2. एचआरपी जांच एवं ट्रेकिंग।
    3. Rajasthan HRP Counseling State Help Desk के तहत् 104 कॉल सेन्टर के द्धारा एचआरपी महिलाओं का फोलोअप।
    4. रेफरल हेतु निःशुल्क परिवहन सुविधा की निश्चित रूप से उपलब्धता।
    5. एचआरपी महिला का योजनाबद्ध संस्थागत प्रसव।
    6. माता एवं शिशु की प्रसवोत्तर देखभाल।

स्टेशनरीः-

कार्यक्रम संबंधी 15000 एएनएम मॉड्यूल, 3000 रजिस्ट्रर तथा 5000 मार्गदर्षिकाओ की प्रिटिंग का कार्य पूर्ण हो चुका है। सभी जिलो मे उक्त सामग्री भिजवायी जा चुकी है।

104 कॉल सेन्टर द्वारा कॉल्स की रिर्पोटः-

पीसीटीएस पर लाइन लिस्टेड गम्भीर एनिमिया से ग्रसित गर्भवती महिलाओं से 104 कॉल सेन्टर के माध्यम से सम्पर्क कर चिकित्सकीय सेवाओं के संबंध में सूचना ली जाती है। माह जुलाई से नवम्बर तक पीसीटीएस पर लाइन लिस्टेड 2327 गम्भीर एनिमिया से ग्रसित गर्भवती महिलाओं में से 922 गर्भवती महिलाओं से सम्पर्क किया जा सका जिसमें से 350 गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित प्रसव हुआ तथा 572 गर्भवती महिलाओं से चिकित्सकीय सेवाओं के संबंध में वार्ता की गई। जिसके अनुसार निम्नानुसार कमियां पाई गईः-

  • 28 गर्भवती महिलाओ की खून की जॉच नही हुई,
  • 69 गर्भवती महिलाओ को आयरन की गोलियां नही दी गयी।
  • 64 गर्भवती महिलाओं को आईवी आयरन सुक्रोज लगाने हेतु सलाह नहीं दी गई।

सुरक्षित मातृत्व दिवस

सुरक्षित मातृत्व दिवस के माध्यम से गर्भवती महिला को सीएचसी पर स्त्रीरोग विशेषज्ञ की सेवाएं उपलब्ध करवायी जा रही है। जिससे गर्भवती महिलाओ की गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जॉच उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओ का चिह्किरण व फॉलोअप तथा प्रसव उपरान्त मॉ एवं बच्चे की स्वास्थ्य, पोषण एवं परिवार नियोजन संबंधी सलाह दी जा रही है।

  • माह अक्टूम्बर 2015 मे राज्य मे 314 सुरक्षित मातृत्व दिवस का आयोजन किये गये। जिसमे 10895 गर्भवती महिलाओ को सेवाये उपलब्ध करायी गयी है। जिसमे से गम्भीर एनिमिया वाली 2361 महिलाओं को आई.वी. आयरन सुक्रोज का डोज दी गयी व 2581 गर्भवती महिलाओ को टीटी के टीके लगाए गए तथा 1949 महिलाओं को हाईरिस्क प्रेग्नेंसी का होना चिन्हित किया गया
  • माह नवम्बर 2015 मे राज्य मे 314 सुरक्षित मातृत्व दिवस का आयोजन किये गये। जिसमे 10057 गर्भवती महिलाओ को सेवाये उपलब्ध करायी गयी है। जिसमे से गम्भीर एनिमिया वाली 1930 महिलाओं को आई.वी. आयरन सुक्रोज का डोज दिया गया व 1754 को टीटी प्रथम का टीका लगाया गया तथा 2021 महिलाओं को हाईरिस्क प्रेग्नेंसी का होना चिन्हित किया गया।
  • माह दिसम्बर 2015 मे राज्य मे 318 सुरक्षित मातृत्व दिवस का आयोजन किये गये। 9241 जिसमे गर्भवती महिलाओ को सेवाये उपलब्ध करायी गयी है। जिसमे से गम्भीर एनिमिया वाली 1917 महिलाओं को 3आई.वी. आयरन सुक्रोज का डोज दी गयी व 1237 गर्भवती महिलाओ को टीटी के टीके लगाए गए तथा 1559 महिलाओं को हाईरिस्क प्रेग्नेंसी का होना चिन्हित किया गया

प्रसूति नियोजन दिवस

राज्य मे माह अक्टूम्बर, 2015 मे सीएचसी/पीएचसी एवं उपस्वास्थ्य केन्द्र पर 8वे व 9वे माह की गर्भवती महिलाओ की प्रसव योजना एवं परिवहन संसाधन के संबंध मे कॉउसलिंग कर सुरक्षित प्रसव हेतु प्रसूति नियोजन दिवस का आयोजन प्रारम्भ किया गया।
माह अक्टूम्बर 2015 से दिसम्बर 2015 तक कुल 32138 प्रसूति नियोजन दिवस आयोजित किये गये जिसमे 218136 गर्भवती महिलाओ को लाभान्वित किया गया।

  • Photographs

For more information contact :-
Dr.Tarun Choudhary, Project Director, Maternal Health, 9829096525